Tuesday, April 27, 2010

For a new chapter in my life......

जिस ओर चले हम हाथ थामे , नहीं मिली हमको वो राहें ....
ज़िन्दगी की एक और राह , रह गयी वही कहीं...
मैंने रखा एक और कदम और पाया एक नया जीवन...!!
जीवन की राहो में तुम देना साथ मेरा॥
मेरे मन बस तू साथ देना, रह जाऊ न अकेला मैं बस इन राह पर....
लौटूंगा मैं खुशियाँ लेकर , मिल कर रखेंगे उन खुशियों को...
साथ साथ जब हम चलेंगे हो गाएगी ये सफ़र हमारी....!!!

No comments:

Post a Comment